कोरोना / उज्जैन की संक्रमित महिला की मौत, आज ही पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी; इंदौर में 4 संक्रमित मिलने के बाद कर्फ्यू लगा





मध्यप्रदेश में उज्जैन की कोरोना पॉजिटिव 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। वह 3 दिन से इंदौर के एसवाय हॉस्पिटल में भर्ती थी। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। मंगलवार रात ही उसकी पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आई थी। इंदौर में भी 4 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इंदौर और उज्जैन में कर्फ्यू लगा है। इससे पहले जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर और शिवपुरी में काेरोना संक्रमित सामने आए थे।







मंगलवार रात में आई रिपोर्ट में इंदौर में 4 और उज्जैन में एक मरीज के कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसमें से 4 का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। मध्य प्रदेश में कुल 14 लोग संक्रमित हैं। इनमें जबलपुर में 6, भोपाल 2, इंदौर 4, ग्वालियर और शिवपुरी में एक-एक पॉजिटिव मरीज शामिल हैं।


इंदौर में अगले आदेश तक कर्फ्यू जारी रहेगा


कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने इंदौर शहरी सीमा में कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश के तहत पूर्णता बंद रहेगा। आवश्यक खाद्य दुकानों में किराना, मेडिकल आदि 26 मार्च से सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक ही खुलेंगी। पेट्रोल पंप और अन्य आवश्यक निर्माण इकाइयां जैसे मास्क सैनिटाइजर, पेट्रोल पंप परिवहन चालू रहेगा। इसके अलावा आवश्यक सेवा चालू रहेगी। कर्फ्यू का आदेश अनिश्चितकालीन है। इसमें कोई समय तय नहीं किया गया है। किसी भी तरह की भीड़ लगाना, बेवजह जमा होना, यह सब गैरकानूनी रहेगा और इसमें सजा का प्रावधान रहेगा।


होम डिलिवरी की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहे


कलेक्टर जाटव ने बताया कि संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। देर रात रिपोर्ट मिली, जिसमें 5 लोगों के पॉजिटिव होने की बात पता चली। इनमें से 4 इंदौर और एक मरीज उज्जैन का रहने वाला है। पांचों को वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। सभी की हालत ठीक है। हम पता करवा रहे हैं कि इनके संपर्क में कौन-कौन रहा है। कलेक्टर ने कहा- यदि कोई बिना काम घूमता पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। 2-3 दिन में उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर उनके लाइसेंस भी निरस्त किए हैं। बड़े किराना समेत जरूरी सेवाओं वाले कारोबारियों से टाइअप कर रहे हैं कि वे लोगाें को होम डिलिवरी की सुविधा उपलब्ध करवाएं।


इंदौर में दोनों दोस्त वैष्णोदेवी दर्शन के लिए गए थे


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आए मरीजों में शामिल 65 वर्षीय महिला पड़ोसी उज्जैन जिले की रहने वाली है। उसका इलाज एमवायएच में चल रहा है। 4 अन्य मरीज इंदौर के ही अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। इनमें 50 वर्षीय महिला, 48 वर्षीय पुरुष, 68 वर्षीय पुरुष और 65 वर्षीय पुरुष शामिल हैं। ये मरीज शहर के दो निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। इन पांचों मरीजों में से किसी ने भी पिछले दिनों विदेश यात्रा नहीं की है। इनमें शामिल दो पुरुष मरीज आपस में मित्र हैं जो इसी महीने साथ में वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा पर गए थे और हाल ही में लौटे हैं। कोरोनावायरस संक्रमण रोकने के लिए इंदौर में सोमवार से लॉकडाउन लागू है। कलेक्टर ने कहा- "जिलेवासियों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। जिलेभर में संक्रमण रोकने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


उज्जैन की पीड़ित 22 मार्च को भर्ती हुई थी
उज्जैन की रहने वाली महिला 22 मार्च से अस्पताल में भर्ती थी। संदिग्ध लगने पर उसकी रिपोर्ट भेजी गई थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर सुबह स्वास्थ्य विभाग, पीएचई सहित अन्य विभागों का अमला उस काॅलोनी में जांच के लिए पहुंचा, जहां महिला निवास करती थी।
 
14 लोगों की जांच रिपोर्ट आना बाकी
शहर में 222 होम क्वारेंटाइन में रखे गए लोगों में से सिर्फ 14 लोगों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। इनमें से 162 लोगों को मुक्त कर दिया गया है। अब केवल 60 लोग ही होम क्वारेंटाइन में हैं। इन सभी की जांच हो गई है और केवल 46 लोगों के सेंपल अभी तक जांच में लिए गए हैं और इसमें से 32 के सेंपल निगेटिव आ चुके हैं। मिली जानकारी के मुताबिक शहर में करीब तीन हजार लोग विदेश से आए हैं, निगम अधिकारियों को जोन वार इनकी सूची जांच के लिए दे दी गई है, जो मेडिकल अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर इनकी जांच कराएंगे और जरूरत होने पर होम क्वारेंटाइन किया जाएगा। दूसरी ओर, मंगलवार को पुलिस ने ऐसे 400 लोगों को पकड़ा, जो बेवजह घरों से निकलकर घूम रहे थे। ऐसे कई लोगों को पुलिस ने तख्ती दी और लिखवाया- ‘मैं समाज का दुश्मन हूं।’ अब इनके वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जाएगा। डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया कि अब कोई भी बिना कारण सड़कों पर घूमता मिला तो सीधे थाने भेजा जाएगा।